Friday, April 10, 2020

जानें कौन है जालिम मुखिया? जिसने नेपाल से रची भारत में कोरोना फैलाने की साजिश

नेपाल में रहने वाला एक अवैध हथियारों का तस्कर भारत मे कोरोना महामारी फैलाने की साजिश रच रहा है. जालिम मुखिया नाम का ये शख्स हथियारों का तस्कर है और भारत में कोरोना महामारी फैलाने के लिए इसने 40 से 50 कोरोना संदिग्धों को भारत भेजा है.

कौन है जालिम मुखिया?

जानकारी के मुताबिक जालिम मुखिया को जालिम मियां के नाम से भी जाना जाता है. जालिम मुखिया बिहार नेपाल सीमा पर स्थित नेपाल के पर्सा जिले के जगरनाथपुर गांवपालिका का मेयर है. जालिम नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का स्थानीय नेता है. वह नेपाल बॉर्डर के रास्ते हथियारों की स्मगलिंग करता है. बताया जाता है कि वह माओवादी ग्रुप का भी सदस्य रह चुका है.

SSB ने किया अलर्ट

जालिम मुखिया की इस हरकत को लेकर और कोरोना संदिग्धों के नेपाल से भारत आने की गतिविधियों के बारे बेतिया के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और SP को अलर्ट कर दिया गया है. उन्हें 47वी वाहिनी बटालियन सीमा सुरक्षा बल (SSB) पनटोका, रामगढ़वा के कमांडेंड ने अलर्ट रहने को कहा है.

जानकारी के मुताबिक SSB ने इस हरकत का मुख्य साजिशकर्ता जालिम मुखिया को ही बताया है. जालिम मुखिया भारत में नेपाल से अवैध हथियार की सप्लाई और FICN की तस्करी में शामिल बताया जा रहा है. इस सूचना के साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट रहने के लिए भी कहा गया है.

बिहार पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद

SSB के पत्र के बाद बिहार पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है. DGP गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि पुलिस ये गारंटी नही ले सकती कि नेपाल सीमा सील है बावजूद इसके कोई नही प्रवेश कर सकता. गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि SSB के पत्र के बाद से ही पुलिस हर संभव करवाई कर रही है.

उन्होंने कहा कि अभी जानकारी ली जा रही है. हम सतर्क हैं, जो हो सकता है, वो किया जा रहा है. सारी जानकारी शेयर नहीं की जा सकती है. ऐसा कुछ होने नहीं देंगे. पता करेंगे की साजिश की बात कहां से आई है. कहीं से भी कोई घुस सकता है.

25 करोड़ के बाद अक्षय कुमार ने फिर किया बड़ा दान, बीएमसी को दिए

नई दिल्ली: अभिनेता  अक्षय कुमार ने कोविड-19 (Covid- 19) महामारी के खिलाफ लड़ाई में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विप्मेंट (पीपीई), मास्क और रैपिड टेस्टिंग किट के निर्माण के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को 3 करोड़ रुपये दान दिए हैं. बॉलीवुड सुपरस्टार ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये दान दिए थे.

अभिनेता ने ट्विटर पर मुंबई पुलिस और बीएमसी का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा, "हमारे परिवार और हमें सुरक्षित करने के लिए लोगों की एक सेना है, जो दिन रात मेहनत कर रही है.

एक अलग ट्वीट में अभिनेता ने लिखा, "नाम- अक्षय कुमार, शहर-मुंबई, मेरे और मेरे परिवार की तरफ से पुलिस, नगर निगम के कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स, एनजीओ, वॉलेंटियर्स, सरकारी अधिकारी, वेंडर्स, बिल्डिंग के गार्ड सभी को #DilSeThanku."

हाल ही में अक्षय की पत्नी, लेखिका-अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, "मेरे पति ने मुझे गर्व महसूस कराया है. जब मैंने उनसे पूछा कि क्या वह इस बात से सुनिश्चित हैं कि वह इतनी बड़ी रकम देने वाले हैं और हमें धनराशि निकालने की जरूरत थी तो उन्होंने कहा, 'मेरे पास कुछ भी नहीं था जब मैंने शुरूआत की थी और अब मैं इस जगह पर हूं, ऐसे में मैं खुद को उनके लिए जिनके पास कुछ नहीं है, के खातिर कुछ करने से कैसे रोक सकता हूं'."

Thursday, April 9, 2020

संकट के समय में भुख से बिलखती आजाद गौ माता के लिए आगे आए समाजसेवी

 पादरु । मानपुरा , ईटवाया में वाट्सएप के ग्रुप के जरिये भभामाशाह ने आगे आकर आवारा घुम रही गौ वंशों के चारा - पानी के लिए समाजसेवीयों ने एक नई पहल की जिसमें गाँव के व अन्य कई भामाशाहों ने सहयोग कियागौसेवा के प्रति श्रमदान के लिए नगसिंह , युवा समाजसेवी लक्ष्मण सिंह , विरमसिंह , उदाराम मेघवाल , नरपत सिंह ईटवाया , देवीसिंह , सहित कई गौ भक्त तत्पर रहते हैं .और हरे चारे के लिए गौवर्ती उत्तम सिंह कुंडल, कपूरजी भवरिया, कालूराम चौधरी, जोइताजी मकवाना व कानसिंह भवरिया का  पूर्ण सहयोग किया ग्रुप को समिति का रुप देते हुए ग्रुप संचालक सेलुराजसिंह ईटवाया ने ऐसे दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस मुहिम को अब लगातार जारी रखेगे और गौसेवा के लिए और भी बंधुओं के दिल में चेतना लाऐगें ।

कोरोना संकट में किसानो की भागीदारी अहम, PM मोदी भी हुए मुरीद, जाने क्या कहा?

देश में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई जोरों पर है। लॉकडाउन के चलते काम धंधा बंद है। दिहाड़ी मजदूरों पर तगड़ी मार पड़ी है। कई मजदूर परिवारों के भोजन का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि सरकारी स्तर पर लोगों को मदद पहुंचाने का काम जारी है। कोई भूखा नहीं सोए, सभी को भोजन मिल जाए इसके लिए लोग भी सामने आ रहे हैं।

प्रेम की भावना से ओतप्रोत समाजसेवी लोग भूखे मजदूरों को भोजन कराने का काम कर रहे हैं। इनकी जनसेवा के प्रधानमंत्री मोदी भी मुरीद हो गए हैं। उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट में अपनी भावना प्रकट की हैं।

किसान शिव सहाणे लिखते हैं कि मोदीजी, मेरे खेत में टमाटर, गोभी के अलावा कई दूसरी सब्जियां उगाई जाती हैं। मैंने लॉकडाउन के दौरान इन सब्जियों को बिना मूल्‍य के लेके जाने की बात कही है ताकि लॉकडाउन में लोगों को सब्जियों की दिक्‍कत ना हो। उन्‍होंने आगे लिखा है कि मोदीजी आप भी अपनी सेहत का ख्याल रखिए हम सभी देशवासी आपके साथ हैं। पीएम मोदी ने जवाब में लिखा है कि देशवासियों के ऐसे सुविचार और शुभकामनाएं ही तो सबसे बड़ा संबल हैं।|


पवन कुमार नाम के समाजसेवी ने प्रधानमंत्री मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया है कि सर मैं जमशेदपुर में एक बैंकर हूं। अपनी कॉलोनी के पड़ोसियों की मदद से हम बीते पांच दिनों से 150 फूड पैकेटों को जरूरतमंद लोगों के बीच बांट रहे हैं। पवन कुमार ने जनसेवा की तस्‍वीरें भी साझा की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इसका जवाब देते हुए लिखा है... 'गुड एफर्ट'


गुजरात के जूनागढ़ में 160 परिवारों ने प्रतिदिन 800 लोगों को भोजन कराने का जिम्‍मा ले रखा है। समाजसेवी निशि‍त मकवाना कहते हैं कि प्रधानमंत्री जी आपको बताते हुई खुशी हो रही है कि चोरवाड में हररोज 160 परिवार लगभग 800 लोगों को सब्‍जी चावल और पुरी देते हैं। हम सभी यह काम पिछले 13 दिनों से हर रोज करते हैं। इस ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा है कि यही तो मानवता की सच्ची सेवा है।

महाराष्‍ट्र की शशि पाठक ने ट्वीट किया है कि मेरे घर से रोजाना 50 TDRF की टीम को सुबह का नाश्ता, ड्यूटी पर तैनात पुलिस के सभी जवानों को चाय, आदि जरूरत की चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने लिखा है कि भगवान हमें इतनी शक्ति दे कि यह सेवा हम करते रहें। प्रधानमंत्री जी आप के हाथों में देश सुरक्षित है, हम सभी आपके आदेश का पालन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने इसके जवाब में लिखा है कि कोरोना महामारी के समय यह देश सेवा का एक अनुपम उदाहरण है।

बाड़मेर के प्रथम कोरोना पॉजिटिव अब्दुल रहमान से जुड़े हुए चौंकाने वाले तथ्य

वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के राजस्थान के एपीसेंटर बने  रामगंज (जयपुर )के रहने वाले अब्दुल रहमान ने चार वर्ष पूर्व बाड़मेर जिले के , धोरीमन्ना तहसील के भलीसर विद्यालय में बतौर प्रधानाचार्य जॉइन किया

वहाँ की शांत आबोहवा और आसपास के लोगों में इस्लामिक कट्टरवाद फैलाने लगा स्कूल समय के बाद यह मस्जिद (स्कूल के ठीक सामने) में गांव वालों को इकट्ठा कर तकरीरें भी करता था उसका आवास मस्जिद में ही हुआ करता था

स्कूल में सरस्वती वंदना ,राष्टगान-राष्ट्रगीत एवं गायत्री मंत्र वाचन नहीं होने देता था 

 तीन वर्ष पूर्व वहां गणतंत्र दिवस  कार्यक्रम में ध्वज फहराने के दौरान सलामी सहित , राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत सहित सारे अनिवार्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाधा बनने के कारण गांव वालों ने शिकायत दर्ज करवाई 
प्रशासन वहां आया और माफी मांगने पर उसको तब छोड़ दिया गया । तब इस कारण इसने जयपुर तबादला करवा दिया

 3 वर्ष पूर्व भूणिया में कुछ मुसलमानों ने एक बैल की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी थी 
उस घटना को लेकर  एक बड़ी  हिन्दू आक्रोश रैली भी हुई , मुकदमे भी दर्ज हुए ।
उस घटना में भी यह जयपुर पोस्टेड होते हुए भी भूणिया आया , लोगों को इकट्ठा करना , मीटिंग करना इत्यादि भड़काने का काम किया
  पिछले डेढ़ वर्ष से जब यह कितनोरिया विद्यालय में प्रधानाचार्य लगा है तब से ही विद्यालय में सरस्वती वंदना एवं गायत्री मंत्र नहीं होने देता था 
स्टाफ (अध्यापक व कर्मचारी) व गांव के लोग परेशान रहते थे
 क्योंकि यह सरकारी अध्यापक की तरह नहीं मदरसे के मौलवी की तरह विद्यालय चलाता है

 अभी 10-15 दिन पूर्व लॉकडाउन के दौरान ही सारे नियमों को धत्ता देते हुए , प्रशासन की आँखों में धूल झोंककर निजी वाहन से जयपुर चला गया था 
 इसकी कार्यशैली से वाकिफ कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन को भी अवगत कराया कि यह अभी जयपुर गया हुआ है वापस लौटने की संभावना प्रबल है 

अभी जिले में सब कुछ ठीक-ठाक चल ही रहा था कि 6 अप्रैल को वह छः जिलों की सीमाओं को तोड़ता हुआ , पुलिस व प्रशासन की सारी कमजोरियों को उजागर करता हुआ वापस तीन अन्य व्यक्तियों के साथ अपने निजी वाहन से भूणिया आ गया

प्रशासन को अवगत कराया गया
ग्रामसेवक व नर्सिंग स्टाफ को ढंग से जवाब ही नहीं दिया और वह उलझने लग गया व 108 एंबुलेंस में भी जांच हेतु नहीं बैठा
फिर उन्होंने उच्च अधिकारीयों से बात करवाई तब यह एंबुलेंस में बैठा ।और अस्पताल में जांच करवाने पर यह पॉजिटिव पाया गया ।

लॉकडाउन के दौरान जयपुर जाना इतना क्या अनिवार्य था ? अगर गया भी तो जाकर सुरक्षित वापस आ गया 
इसका अर्थ यह तो नहीं है कि पीछे बहुत बड़ा राजनीतिक संरक्षण हो ? यह मदरसों में इधर-उधर घूमता रहता है और तबलीगी जमात से इसके कितने संबंध है इसकी भी पूछताछ जारी है ।

ट्रेन तक जाने के लिए यात्रियों को विशेष टनल से गुजरना होगा

देशभर में 15 अप्रैल से ट्रेनों को चलाने की तैयरी है। ट्रेनें शुरू होने के साथ रेलवे ने कोरोना वायरस से सुरक्षा को लेकर अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं।

इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ जंक्शन पर पहला प्यूमिगेशन टनल तैयार कर रहा है। यह एक प्रोटोटाइप होगा। इसमें सुरक्षा की सभी तैयारियां डीआरएम परखेंगे। रेलवे ने मंगलवार से ही इसका काम शुरू कर दिया है। जंक्शन पर लग रही फ्यूमिगेशन टनल से यात्रियों को कई चरणों से होकर गुजरना पड़ेगा।

कैब वे का रास्ता बंद रखने की तैयारी
अधिकारिक सूत्रों की मानें तो कोरोना वायरस को फैलाने से रोकने के लिए स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार को छोड़कर सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद रहेंगे।

वीआईपी ट्रेनें जैसे शताब्दी, पुष्पक और लखनऊ मेल सरीखीं ट्रेनों से जाने वाले वीआईपी समते सभी यात्री टनल से गुजरेंगे। साथ ही मेट्रो के रास्ते मवैया की और आने वाला रास्ता भी बंद रहेगा।

ट्रेन में सवार से पहले टनल से गुजरेंगे यात्री
कोरोना संक्रमण की रोकथाम को रेलवे पुख्ता इंतजाम करेगा। लॉकडाउन के बाद ट्रेन चलाने से पहले रेलवे बोर्ड ने स्टेशनों पर सुरक्षा संबंधी खाका तैयार करने को कहा है। ट्रेन में सवार से पहले यात्री की इन्फ्रारेड थर्मामीटर से परख होगी और साथ ही उसे सेनिटाइज एक टनल से गुजरना होगा। यानी यात्री स्टेशन पर एक ही एंट्री गेट से आएं जाएं। मुरादाबाद में इसके लिए कामिर्शियल, इंजीनियरिंग और आरपीएफ की कमेटी बनेगी।

स्टेशन 2 घंटे पहले पहुंचना होगा
स्क्रीनिंग से लेकर फ्यूमिगेशन टनल से होकर ट्रेनों तक पहुंचने में काफी समय लगेगा। इसके लिए स्टेशन पर यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह 2 घंटे पहले पहुंचना अनिवार्य किया जाएगा। देरी से पहुंचने वाले यात्रियों के टिकट के पैसे वापस नहीं होंगे।


राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दिल्ली मरकज मामले की जांच की करी मांग

नई दिल्ली। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली स्थित तबलीगी जमात मरकज मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश से 'जांच' कराने की मांग की है, जो दिल्ली में कोविड-19 पर निषेधात्मक आदेश के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के जमावड़े की वजह से विवाद में है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश को जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आए कि गलती किसकी थी।'

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सांप्रदायिक नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि हर भारतीय घातक बीमारी के खिलाफ लड़ाई में एकजुट है।

जानें कौन है जालिम मुखिया? जिसने नेपाल से रची भारत में कोरोना फैलाने की साजिश

नेपाल में रहने वाला एक अवैध हथियारों का तस्कर भारत मे कोरोना महामारी फैलाने की साजिश रच रहा है. जालिम मुखिया नाम का ये शख्स हथिय...